कैलाश पर्वत का नाम सुनते ही मन में श्रद्धा, भक्ति और एक अलग ही ऊर्जा का अनुभव होता है। कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन का आध्यात्मिक सपना है। हर शिवभक्त की इच्छा होती है कि वह एक बार भगवान शिव के धाम के दर्शन अवश्य करे।
लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि यह यात्रा केवल आस्था नहीं, बल्कि एक उच्च ऊंचाई (High Altitude) ट्रेक भी है। इसलिए शारीरिक तैयारी बहुत आवश्यक है। सही तैयारी से यात्रा आसान, सुरक्षित और सुखद बन सकती है।
आइए सरल भाषा में समझते हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए शरीर को कैसे तैयार करें।

कैलाश मानसरोवर यात्रा में शारीरिक तैयारी क्यों जरूरी है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान यात्री लगभग 15,000 से 19,500 फीट की ऊंचाई तक जाते हैं। इस ऊंचाई पर:
- ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है
- सांस लेने में कठिनाई हो सकती है
- जल्दी थकान महसूस होती है
- सिरदर्द या चक्कर आ सकते हैं
यदि शरीर पहले से तैयार नहीं है, तो कैलाश परिक्रमा कठिन लग सकती है। इसलिए यात्रा से 2–3 महीने पहले तैयारी शुरू करना सबसे बेहतर है।
उच्च ऊंचाई पर शरीर को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
ऊंचाई बढ़ने पर हवा पतली हो जाती है। इसका मतलब है कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
ऐसी स्थिति में:
- हृदय को अधिक काम करना पड़ता है
- फेफड़ों की क्षमता की परीक्षा होती है
- शरीर को अनुकूल होने में समय लगता है
इसीलिए स्टैमिना और फेफड़ों की ताकत मजबूत होना जरूरी है।
Kailash Mansarovar Yatra में ऊंचाई 19,500 फीट तक जाती है, इसलिए physical fitness जरूरी है। यह 52 km की कठिन परिक्रमा (Kora) है, लेकिन सही preparation से कोई भी कर सकता है। हम बताएंगे step-by-step कैसे तैयार हों।
60 से 90 दिनों की तैयारी योजना
यदि आप 30 से 65 वर्ष की आयु के हैं, तो यह सरल तैयारी योजना आपके लिए उपयुक्त है।
पहला महीना: शरीर को सक्रिय बनाएं
शुरुआत धीरे करें। अचानक भारी व्यायाम शुरू न करें।
दैनिक अभ्यास:
- 20–30 मिनट तेज चाल से पैदल चलना
- हल्का स्ट्रेचिंग
- 5–10 मिनट गहरी सांस लेने का अभ्यास
- सरल योगासन
लक्ष्य: शरीर को नियमित गतिविधि की आदत डालना।
दूसरा महीना: सहनशक्ति बढ़ाएं
अब थोड़ी मेहनत बढ़ाएं।
दैनिक अभ्यास:
- 40–45 मिनट तेज चलना
- सीढ़ियां चढ़ने का अभ्यास
- 10 मिनट प्राणायाम
- हल्के स्क्वाट (बैठक)
लक्ष्य: पैरों को मजबूत बनाना और स्टैमिना बढ़ाना।
तीसरा महीना: ट्रेक की तैयारी
अब शरीर को ट्रेकिंग के लिए तैयार करें।
- 60 मिनट पैदल चलना
- सप्ताहांत में 5–7 किलोमीटर लगातार चलना
- हल्का बैग लेकर चलने का अभ्यास
- सीढ़ियों का नियमित अभ्यास
यह अभ्यास कैलाश परिक्रमा के दौरान बहुत सहायक होगा।

पैदल चलना क्यों सबसे महत्वपूर्ण है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा में सबसे अधिक आवश्यकता होती है पैदल चलने की क्षमता की।
एक सरल नियम याद रखें:
“यदि आप बिना अधिक थके 5–6 किलोमीटर आराम से चल सकते हैं, तो आप सही दिशा में हैं।”
चलते समय:
- आरामदायक जूते पहनें
- धीरे शुरुआत करें
- नियमितता बनाए रखें
- चलने के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें
प्राणायाम और श्वास अभ्यास
उच्च ऊंचाई पर फेफड़ों की क्षमता बहुत महत्वपूर्ण होती है। प्रतिदिन 10–15 मिनट प्राणायाम करें।
उपयुक्त अभ्यास:
- अनुलोम-विलोम
- भस्त्रिका
- गहरी सांस लेना
- कपालभाति (डॉक्टर की सलाह से)
इनसे ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है और मानसिक शांति भी मिलती है।
सरल शक्ति प्रशिक्षण
जिम जाना आवश्यक नहीं है। घर पर ही कुछ सरल व्यायाम किए जा सकते हैं:
- स्क्वाट
- दीवार के सहारे बैठना
- पिंडलियों का व्यायाम
- हल्के लंज
- प्लैंक
मजबूत पैर = आसान कैलाश परिक्रमा।
| दिन | एक्टिविटी | समय |
|---|---|---|
| सोमवार | Brisk walk | 45 min |
| मंगलवार | Strength + stretching | 40 min |
| बुधवार | Stair climbing | 45 min |
| गुरुवार | Cardio + yoga | 45 min |
| शुक्रवार | Rest या light walk | – |
| शनिवार | Long hike (8-10 km) | 60 min |
| रविवार | Pranayama & meditation | 30 min |
खान-पान और जल सेवन
तैयारी के दौरान संतुलित आहार बहुत जरूरी है।
क्या खाएं?
- दाल, पनीर, अंकुरित अनाज
- हरी सब्जियां
- फल (केला, सेब)
- सूखे मेवे (सीमित मात्रा में)
- प्रतिदिन 2.5–3 लीटर पानी
क्या न करें?
- अत्यधिक तला-भुना भोजन
- धूम्रपान
- शराब का सेवन
- अचानक डाइटिंग
शरीर को कमजोर नहीं, मजबूत बनाएं।
यात्रा से पहले जरूरी स्वास्थ्य जांच
यात्रा से पहले पूर्ण मेडिकल चेकअप अवश्य कराएं।
विशेष रूप से यदि:
- आपकी आयु 45 वर्ष से अधिक है
- ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या है
- हृदय संबंधी कोई इतिहास है
सामान्य जांच:
- ईसीजी
- ब्लड प्रेशर
- शुगर टेस्ट
- फिटनेस प्रमाणपत्र
डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा की योजना न बनाएं।
यात्रा से पहले किन बातों से बचें?
- अंतिम समय तक व्यायाम न करना
- अचानक भारी एक्सरसाइज शुरू करना
- पर्याप्त नींद न लेना
- अत्यधिक तनाव लेना
तैयारी संतुलित होनी चाहिए, अत्यधिक नहीं।
मानसिक तैयारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है
कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल शरीर की नहीं, बल्कि मन की भी परीक्षा है।
कभी मौसम कठिन होगा, कभी रास्ता चुनौतीपूर्ण लगेगा। ऐसे समय में धैर्य और सकारात्मक सोच बहुत जरूरी है।
- खुद की तुलना दूसरों से न करें
- धीरे और स्थिर गति से चलें
- विश्वास बनाए रखें
यह कोई दौड़ नहीं, बल्कि एक तपस्या है।
सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए सही मार्गदर्शन चुनें
हजारों श्रद्धालु हर वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण करते हैं। सही तैयारी और अनुभवी मार्गदर्शन के साथ यह यात्रा हर आयु के व्यक्ति के लिए संभव है।
पशुपति ट्रैवल्स (Pashupati Travels) को वर्षों का अनुभव है भारतीय यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा कराने का। सही अनुकूलन (Acclimatization), अनुभवी टीम और पूर्ण सहायता के साथ आपकी यात्रा सरल और सुखद बनती है।
यदि आप कैलाश मानसरोवर यात्रा की योजना बना रहे हैं और शारीरिक तैयारी को लेकर चिंतित हैं, तो आज ही पशुपति ट्रैवल्स से संपर्क करें।
भगवान शिव का बुलावा जब आता है, तो मार्ग स्वयं बन जाता है।
हर हर महादेव ????
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